अमित शाह ने कहा- फारुक अब्दुल्ला को 2 साल तक हिरासत में रखने जैसी कोई बात नहीं

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नेशनल कॉन्फेंस अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला को लेकर कहा कि उनको सिर्फ सुरक्षा की दृष्टि से नजरबंद रखा गया है। दो साल तक हिरासत में रखने की कोई बात ही नहीं है।  स्थानीय नेताओं को नजरबंद रखने के सवाल पर अमित शाह ने कहा- कश्मीर में 40 हजार पंच-सरपंच हैं जो स्थानीय नेतृत्व कर रहे हैं। दो परिवार ज्यादा लोगों की भावनाओं को समझेंगे या 40 हजार लोग। तो ऐसा नहीं है कि कश्मीर के लोगों के पास अपनी बात रखने के लिए कोई नेता नहीं है।

कश्मीर के विकास की राह में बाधा थी 370
सवाल- धारा 370 हटाने वाली योजना आप अचानक लेकर आए या इसे हटाने की तैयारी चल रही थी। अमित शाह ने कहा- जब से धारा 370 हिंदुस्तान का हिस्सा बनी थी, तभी से हम मांग करते रहे हैं कि धारा 370 अस्थाई है, उसको हटा दिया जाए। हमारी तैयारी भी उसी दिन से चल रही थी। हमारे एजेंडे में तो ये शुरू से था। जब नहीं हो रहा था तो आप सवाल करते थे, धारा 370 का क्या कर रहे हैं और जब हमने हटा दिया तो उल्टे फिर आप ही सवाल कर रहे हो कैसे हटा दिया

कश्मीर में कोई पाबंदी नहीं हैं।  
इंटरनेट आने के 16 सालों बाद वहां इंटरनेट शुरू हुआ। मोबाइल आने के बाद 17 सालों बाद वहां मोबाइल शुरू हुआ।
 कांग्रेस पार्टियों की नीतियों की वजह से कश्मीर में मारे गए 41000 लोगों के मानवाधिकारों का क्या? जो बच्चे यतीम हो गए। महिलाएं विधवा हो गई उनके मानव अधिकारों का  क्या हुआ। भारत की संसद ने अपने अधिकारों का उपयोग किया है। अब कश्मीर में स्वास्थ्य सुविधा भी पहुंचेंगी। एजुकेशनल इंस्टीट्यूट खुलेंगे। अच्छे होटल में खुलेंगे। रोजगार बढ़ेंगे। नए उद्योग लगेंगे। एक प्रकार से धारा 370 कश्मीर और उसके विकास के बीच का बहुत बड़ी बाधा थी जो नरेंद्र मोदी ने हटा दिया।