केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा में CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित – Rajasthan assembly citizenship amendment act resolution passed ashok gehlot


  • केरल ने सबसे पहले CAA के खिलाफ पारित किया था प्रस्ताव
  • बंगाल सरकार भी सीएए के खिलाफ अपनी मंशा जता चुकी है

देश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ लगातार प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. देश के कई हिस्सों में इसके खिलाफ लोग धरना दे रहे हैं. वहीं अब राजस्थान सरकार ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है.

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है. राजस्थान सरकार से पहले केरल और पंजाब की राज्य सरकारें नागरिकता कानून के खिलाफ पहले प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं. सबसे पहले केरल सरकार ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था. उसके बाद पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया.

ये भी पढ़ेंः शाहीन बाग जाने वाले थे रामदेव, पुलिस के समझाने पर रद्द किया कार्यक्रम

तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार भी पहले ही कह चुकी है कि वह नए कानून के खिलाफ है. कुछ दिन दिल्ली में हुई विपक्ष की बैठक ने सभी समान विचारधारा वाले मुख्यमंत्रियों को एनपीआर प्रक्रिया को रोकने के लिए कहा था.

ये भी पढ़ेंः Delhi Election 2020: क्या अरविंद केजरीवाल शाहीन बाग के साथ हैं? दिया ये जवाब

विपक्षी दलों द्वारा एक प्रस्ताव में कहा गया, “सीएए, एनपीआर या एनआरसी एक पैकेज है, जो असंवैधानिक है. क्योंकि यह विशेष रूप से गरीबों, एससी/एसटी, भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों को लक्षित करता है. एनपीआर एनआरसी का आधार है. हम सीएए को तत्काल वापस लेने और राष्ट्रव्यापी एनआरसी/एनपीआर को रोकने की मांग करते हैं.”

प्रस्ताव में कहा गया, “जिन सभी मुख्यमंत्रियों ने घोषणा की है कि वे एनआरसी को अपने राज्य में लागू नहीं करेंगे, उन्हें एनपीआर को निलंबित करने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि यह एनआरसी की ही शुरुआत है.” कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भी सीएए पर एक प्रस्ताव जारी किया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें

  • Aajtak Android App
  • Aajtak Android IOS





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *