मध्यप्रदेश में नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों में वर्तमान में संगठित, सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्री परिवहन बस सेवायें उपलब्ध नहीं हैं। इन परिस्थितियों में ग्रामीण एवं साधारण मार्गों का ट्रेफिक एवं मार्ग सर्वे तथा बसों की फ्रीक्वेन्सी निर्धारित करते हुये एक व्यवस्थित प्लानिंग अनुसार यात्री बसों को चलाये जाने की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में, सुगम, सुरक्षित एवं विनियमित यात्री परिवहन सुविधा, निजी क्षेत्र के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत निम्नानुसार कार्यवाही की जावेगी।
1. बस परिवहन अधोसंरचना इसके तहत पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रक्रिया से उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों का यात्री एवं बस ऑपरेटर हेतु सुविधाओं का निर्माण।
2. बस संचालन एवं संधारण पीपीपी प्रक्रिया से, निजी बस ऑपरेटर्स को, संगठित रूप से एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत, दक्ष आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से विनियमित किया जाना। 3. विनियमन (रेगुलेशन) पीपीपी प्रक्रिया के तहत आई.टी.टेक्नालॉजी साल्यूशन की स्थापना करते हुए समस्त बस ऑपरेशन्स पर प्रभावी निगरानी। इसके तहत सेवा स्तर समझौता (ैमतअपबम स्मअमस ।हतममउमदज) एवं प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (ज्ञमल चमतवितउंदबम प्दकपबंजवत) पर प्रभावी नियंत्रण, ताकि बस ऑपरेशन यात्रियों हेतु सुविधाजनक एवं सुरक्षित हो सके। 2/ वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन हेतु कंपनी एक्ट के तहत ैच्टे गठित हैं जिसमें से 16 कार्यरत हैं तथा 4 कार्यरत नहीं हैं। उक्त समस्त कंपनियों को मुख्यतरू 07 संभागीय कंपनियों के रूप में मर्ज किया जावेगा।
उक्त सात कंपनियों के एकीकृत नियंत्रण हेतु राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के तहत एक होल्डिंग कंपनी का गठन किया जाना प्रस्तावित है। कंपनी द्वारा एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म स्थापित करते हुये उस पर नोटीफाईड रुट अनुसार निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित किया जायेगा। होल्डिंग कंपनी मुख्यतः आई.टी.प्लेटफार्म के माध्यम से यात्रियों एवं अनुबंधित ऑपरेटर्स हेतु सुविधाजनक एप एवं एमआईएस/डैशबोर्ड आदि का संचालन करेगी तथा साथ ही राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी की मॉनीटरिंग हेतु कंट्रोल एवं कमांड सेन्टर का संचालन सुनिश्चित करेगी। यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी हेतु मल्टी मोडल ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध कराना, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं मापदण्डों की अधोसंरचना का निर्माण कराना एवं दैनंदिनी बस संचालन पर प्रभावी नियंत्रण भी इस नवगठित कंपनी के प्रमुख दायित्वों में रहेगा। होल्डिंग कंपनी के दायित्व निम्नानुसार रहेंगे रू- (1) संभागवार सम्पूर्ण प्रदेश में साधारण मार्ग एवं ग्रामीण मार्ग में व्तपहपद ।दक क्मेजपदंजपवद (ओ-डी) सर्वे एवं बस मार्ग का चिन्हांकन, ताकि अधिक से अधिक मार्ग ऑपरेटर्स हेतु वित्तीय रूप से साध्य हो सकें। साथ ही ऐसे मार्ग का चिन्हांकन जो वित्तीय रुप से ऑपरेटर हेतु साध्य न हों।(2) उक्त मार्ग सर्वे उपरांत बसों की फ्रिक्विंसी का निर्धारण करते हुये मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत यात्री परिवहन सेवा हेतु संभागवार स्कीम तैयार करने हेतु शासन को आवश्यक सहयोग।(3) शासन द्वारा आपत्तियों की सुनवाई उपरांत संभागवार स्कीम के अंतिम नोटिफिकेशन उपरांत उन मार्गों पर निविदा प्रक्रिया से चयनित अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट उपलब्ध करवाना ।(4) एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म, राज्य स्तरीय उपक्रम के कार्यालय एवं क्षेत्रीय कंपनी के कार्यालयों में, कंट्रोल एवं कमांड सेंटर की स्थापना करते हुये एक कुशल आई.टी. प्लेटफार्म को संचालित करना।(5) आई.टी. टेक्नोलॉजी सॉल्युशन के माध्यम से निम्न सुविधायें उपलब्ध कराना:-(अ) यात्रियों हेतु ई-टिकिट, मोबाईल एप जिससे बसों की ट्रेकिंग, आक्युपेंसी तथा यात्रा प्लानिंग हो सके। साथ ही यात्रियों के लिए कैशलेस, टेपऑन-टेपऑफ सुविधा, एप के माध्यम से पैसेंजर इंफारमेन्शन सिस्टम आदि उपलब्ध कराना आदि।(ब) अनुबंधित ऑपरेटर्स हेतु ऑपरेटर एप, वीडिओ ऑडिट साफ्टवेयर (किसी भी समय बसों में यात्रियों की संख्या हेतु) फील्ड ऑडिट एप, एम.आई.एस./डैशबोर्ड की सुविधा (रिर्पाेट सहित), वित्तीय रूप से साध्य बस ैबीमकनसपदह, ऑपरेटर स्टॉफ का प्रशिक्षण आदि ।(स) राज्य एवं क्षेत्रीय सहायक कंपनी हेतु – कंट्रोल एवं कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस/ऑटो/टैक्सी/मेट्रो हेतु एक बुकिंग प्लेटफार्म की सुविधा (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफार्म), ऑनलाईन यात्री बुकिंग सुविधा, यात्री हेल्प डेस्क, राज्य/संभाग के कार्यालयों में ऑपरेशन डेशबोर्ड, स्टाफ की ट्रेनिंग आदि।(6) आई.टी. प्लेटफार्म के माध्यम से ही यात्रियों की लास्ट माईल कनेक्टिविटी एवं डनसजप डवकंस ज्तंदेचवतज उपलब्ध कराने हेतु ट्रेवल एप तैयार किया जाना, जिसमें बस, ऑटो, टेक्सी, ई-स्कूटर, मेट्रो आदि संकलित हो। पैसेंजर इन्फारमेशन सिस्टम की स्थापना भी बस स्टैण्ड, यात्री बसों पर रीयल टाइम बेसिस पर की जा सकती है। यह जानकारी मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से सीधे यात्रीगणों को मोबाईल पर मुहैया कराई जा सकती है आदि ।(7) क्षेत्रीय सहायक कंपनी हेतु विभिन्न गतिविधियों के लिए ैजंदकंतक व्चमतंजपदह च्तवबमकनतम (ैव्च्) एवं पॉलिसी तैयार करना तथा दिन-प्रतिदिन के आपरेशन में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना आदि।(8) अनुबंधित बस ऑपरेटर्स को आवश्यक अधोसंरचना जैसे डिपो, बस स्टैण्ड, बस स्टॉप, बुकिंग सेंटर्स आदि की सुविधा मुहैया कराना। नगरीय क्षेत्रों में बस डिपो, बस स्टैण्ड, बस स्टाप का विकास/निर्माण कार्य नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा कराया जाकर संधारण एवं संचालन हेतु इस प्रस्तावित कंपनी को अंतरित करेंगे। यह प्रस्तावित कंपनी पुनर्घनत्वीकरण योजना में भी प्रदेश में परिवहन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का कार्य कर सकेगीं। (9) आपरेटर्स को, बसों का सुचारु संचालन हेतु आवश्यक सहयोग एवं सुरक्षा मुहैया कराना आदि।(10) क्षेत्रीय स्तर पर कैपिसिटी बिल्डिंग एवं ट्रेनिंग सेंटर्स का गठन जिसमें निजी, शासकीय, अर्ध शासकीय स्टाफ की ट्रेनिंग शामिल होगी। (11) पर्यावरण हितैषी कार्य जैसे ई-बस, इलेक्ट्रिक चार्जिंग आदि का सेटअप साथ-साथ प्रमोट करना।(12) विभिन्न स्टेक होल्डर्स जैसे बस ऑपरेटर, आमजन आदि से संपर्क रखते हुये इस आई.टी. प्लेटफार्म पर एग्रीगेटर रोल के तहत अन्य इन्टरमिडिएट पैरा ट्रांजिस्ट (प्च्ज्) ऑपरेटर्स एवं अन्य गैर अनुबंधित प्रायवेट बस ऑपरेटर्स को भी इस सिंगल आई.टी. प्लेटफार्म पर लाने की सुविधा उपलब्ध कराना । (13) ग्रीन फंडिंग एवं केन्द्र शासन/राज्य शासन की योजना का लाभ लेते हुये बस ऑपरेशन सिस्टम को सुद़ृढ़ करना । (14) कंपनी के राज्य में उपलब्ध अचल संपत्तियों का संधारण एवं आवश्यकतानुसार नवीन संपत्तियों का अधिग्रहण तथा इनका उपयोग परिवहन सेवाओं तथा राजस्व आय के रुप में करना ।3/- होल्डिंग कंपनी के गठन उपरांत उक्त सात संभागीय मुख्यालयों की कंपनी में इस होल्डिंग कंपनी के शेयर बहुसंख्यक आधार पर लिये जाने पर यह सातों कंपनी इस राज्य स्तरीय कम्पनी की सहायक कम्पनी (ेनइेपकपंतल) की श्रेणी में आ जावेगी। भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा संभागीय मुख्यालयों पर मौजूद इन कंपनियों के माध्यम से, उनके कार्यक्षेत्र में यात्री बस परिवहन सेवा को संचालित किया जा सकता है। क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के दायित्व मूल रुप से राज्य स्तरीय कंपनी के अनुरुप रहेंगे तथा यह सहायक कंपनी दैनंदिनी बस ऑपरेशन, राजस्व आय एवं होल्डिंग कंपनी के निर्देशों के अधीन काम करेंगी।4/- इसी प्रकार जिला स्तरीय समिति के समन्वयक जिला कलेक्टर रहेंगे तथा इस समिति में जिले के सांसद, समस्त विधायकगण, महापौर/अध्यक्ष नगर पालिका, जिला पंचायत अध्यक्ष, आयुक्त नगर निगम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका/नगर परिषद, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिला परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण तथा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रह सकेंगे। इस समिति का दायित्व निम्नानुसार रहेगा -(1) संभाग स्तरीय यात्री परिवहन कंपनी द्वारा साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर किये जा रहे बसों के संचालन की प्रभावी मॉनीटरिंग।(2) जिले के बस परिवहन ऑपरेशन में रुट की लंबाई अथवा रुट में संशोधन, स्टापेज, बस फ्रिक्विंसी, आई.टी. प्लेट फार्म का सुचारु रुप से संचालन, साधारण एवं ग्रामीण मार्गों पर बस स्टॉप, चार्जिंग स्टेशन के निर्माण संबंधी सुझाव क्षेत्रीय कंपनी को देना।(3) क्षेत्रीय कंपनी द्वारा जिले में यात्री परिवहन सुविधा हेतु निर्मित किये जाने वाली अधोसंरचना के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं सहयोग प्रदान करना ।(4) जिले के बस ऑपरेटर्स के मध्य आवश्यक समन्वय का कार्य।